‘आज तो नेहरू जी ही, नेहरू जी, मजा लो बस’…अपने भाषण के बीच क्यों बोले PM मोदी – pm modi on nehru ji in lok sabha ntc


स्टोरी हाइलाइट्स

  • लोकसभा में हुआ नेहरू के लाल किले के भाषण का जिक्र
  • नेहरू जी को देश के सामने हाथ ऊपर करने पड़े थे: PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण को लेकर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब दिया. अपने भाषण में पीएम ने महंगाई का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नीतियां ऐसी थीं कि सरकार खुद मानने लगी थी कि महंगाई उसके नियंत्रण के बाहर है जबकि मौजूदा कोरोना महामारी के बावजूद महंगाई अब महंगाई 5.2 फीसदी रही है, उसमें भी खाद्य मुद्रास्फीति 3 फीसदी से कम है. 

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के लगभग पूरे कार्यकाल में देश को डबल डिजिट महंगाई की मार झेलनी पड़ी थी और कांग्रेसी अपने समय में वैश्विक परिस्थितियों की दुहाई देकर पल्ला झाड़ लेते थे. इसी बीच पीएम मोदी ने कहा, ”वैसे महंगाई पर कांग्रेस के राज में पंडित नेहरू (पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू) ने लाल किले से क्या कहा, वो जरा आपको मैं बताना चाहता हूं.” इस दौरान विपक्षी दल कांग्रेस ने हंगामा मचाने लगे, तो प्रधानमंत्री हास-परिहास में बोले, ”आपकी शिकायत रहती है कि मैं नेहरू जी पर नहीं बोलता हूं, लेकिन आज आपकी इच्छा के अनुसार नेहरू जी ही, नेहरू जी पर बोलूंगा..मजा लीजिए आज. आपके नेता कहेंगे कि मजा आ गया. ”

पीएम मोदी ने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के बयान का जिक्र कर कांग्रेस को घेरा. पीएम के मुताबिक, नेहरू जी ने कहा था कि कभी कभी कोरिया में लड़ाई भी हमें प्रभावित करती है, इसके चलते वस्तुओं की कीमतें बढ़ जाती हैं और यह हमारे नियंत्रण से बाहर हो जाती हैं. अगर अमेरिका में भी कुछ हो जाता है तो इसका असर भी वस्तुओं की कीमत पर पड़ता है.”  मतलब देश के सामने पहले प्रधानमंत्री महंगाई को लेकर अपने हाथ ऊपर कर देते हैं.  

लोकसभा में पीएम आगे बोले, कांग्रेस आज सत्ता में होती तो महंगाई को कोरोना के खाते में जमा करके निकल जाती यानी इसके लिए महामारी को दोषी ठहरा देती. लेकिन हमारी सरकार इस समस्या को गंभीर समझ करके उसके समाधान के लिए पूरी ताकत काम कर रही है. उन्होंने कहा कि  दुनिया में अमेरिका और ओईसीडी देशों में महंगाई करीब 7 फीसदी तक है, लेकिन हम ठीकरा भोड़कर भाग जाने वाले लोगों में से नहीं है. हम ईमानदारी से प्रयास करने वाले लोगों में से हैं. जिम्मेदारियों के साथ देशवासियों के साथ खड़े रहने वाले लोगों में शामिल हैं. 

 

 



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