एक्सपर्ट ड्राइवर भी करते हैं ये गलतियां, जानते हैं गियर शिफ्ट करने का सही तरीका? – How to shift gear in a right way Operating tips for manual transmission car lbs


कार ड्राइविंग करने से पहले चालक को स्टीयरिंग व्हील, ब्रेक, पैडल, क्लच के साथ-साथ गियर शिफ्टिंग की ठीक जानकारी होनी चाहिए. गियर शिफ्ट करने का सही तरीका ही आपके वाहन की परफॉर्मेंस को बेहतर कर सकता है. अगर आप गलत तरीके से कार के गियर को बदलते हैं तो वाहन के माइलेज पर असर पड़ने लगता है. इतना ही नहीं कार की परफॉरमेंस भी खराब होने लगती है.

गाड़ी के गियर शिफ्ट करने के पैटर्न को सही तरह से समझें:

कार चलाने से पहले ही गियर शिफ्ट के पैटर्न को पता कर लें. कई मैनुअल ट्रांसमिशन गाड़ियों में H शेप पैटर्न होता है. इस पैटर्न में ऑड नंबर का गियर ऊपर की तरफ होता है. वहीं, इवन नंबर का गियर नीचे की तरफ. उदाहरण के तौर पर कई गाड़ियों में पहला गियर दूसरे गियर से ठीक ऊपर होता है. तीसरा वाला फर्स्ट गियर के दाएं में होता है और चौथा गियर ऊपर होता है. वहीं, पांचवां गियर तीसरे गियर के दाईं ओर और रिवर्स गियर के ऊपर होता है. साथ न्यूट्रल पोजीशन को N नंबर से दर्शाया जाता है. 

‘ब्रेक टू स्लो – गियर्स टू गो’:

गाड़ी के गियर शिफ्ट करने के पैटर्न को ‘ब्रेक टू स्लो – गियर्स टू गो’ से आसानी से समझ सकते हैं. कार की गति जैसे ही बढ़ती है तो गियर को हाई करें. जब भी आप गाड़ी को धीमा करना चाहते हैं तो फुट ब्रेक का इस्तेमाल करें. जब आप कार को ‘ड्राइव’ करने के लिए एक्सीलरेटर ले रहे हैं तो गाड़ी को निचले गियर में लाएं. कभी पांचवें या चौथे गियर से दूसरे या पहले गियर में बदलने की कोशिश ना करें. ऐसे में आप गियर पर अपना नियंत्रण खो सकते हैं. साथ ही इस तरह से गियर बॉक्स के खराब होने का खतरा बढ़ जाएगा. गियर बॉक्स को सही कराने के लिए आपको भारी खर्च उठाना पड़ सकता है.

नए गाड़ी चालक के कार के गियर को बदलने के टिप्स:

अगर आपने नई-नई कार चलानी सीखी है तो गियर लीवर पर अपना हाथ सेट करना बेहद जरूरी है. गियर अपशिफ्ट और डाउनशिफ्ट करने का अभ्यास तबतक करते रहें, जब तक आप पूरी तरह से इसके पैटर्न को समझ ना जाएं. इस दौरान सुनिश्चित करें कि इंजन बंद हो और न्यूट्रल स्थिति में हो. साथ ही ये ध्यान रखें कि आपने क्लच पैडल को दबा कर रखा हुआ है.

न्यूट्रल:

गियर में न होने पर गियर लीवर न्यूट्रल स्थिति में आ जाएगा. जब कहीं आपको वाहन को खड़ा करना है तो कार को न्यूट्रल गियर में डाल दें. साथ ही हैंड ब्रेक का इस्तेमाल भी करें.

पहला गियर:

पहले गियर का चयन करने के लिए अपने बाएं हाथ को गियर लीवर पर रखें, हथेली को अपने से दूर रखें. अपने हाथ को गियर लीवर के चारों ओर घुमाएं और इसे बाईं ओर और आगे की ओर घुमाएं.

दूसरे गियर:

पहले गियर से दूसरे गियर में जाने के लिए अपना हाथ गियर लीवर पर रखें, अपनी हथेली को अपने से दूर रखें, गियर लीवर को सेंट्रल न्यूट्रल पोजीशन में वापस आने से रोकने के लिए बाईं ओर हल्का सा दबाव डालें और गियर लीवर को सीधे पीछे ले जाएं.

तीसरा गियर:

अब गियर लीवर को आगे की ओर ले जाएं, इसे सेंट्रल न्यूट्रल पोजीशन में आने दें, फिर तीसरे गियर को चुनने के लिए इसे आगे बढ़ाएं.

चौथा गियर

अपने हाथ को उसी स्थिति में रखते हुए, चौथे गियर को चुनने के लिए गियर लीवर को सीधे वापस ले जाएं.

पांचवां गियर:

पांचवें गियर का चयन करने के लिए अपने हाथ को उसी स्थिति में रखें और गियर लीवर को न्यूट्रल स्प्रिंग के विपरीत दाईं ओर और आगे की ओर ले जाएं.

कब बदलें गियर:

सबसे पहले सुनिश्चित करें कि किस जगह और किस वक्त गियर बदलना सुरक्षित है. किसी मोड़ पर वाहन पर ज्यादा नियंत्रण की आवश्यकता होती है. ऐसे में इस तरह की जगहों पर स्टीयरिंग से एक हाथ छोड़ गियर बदलना खतरा मोल लेना हो सकता है.

एक्सपर्ट वाहन चालक भी करते हैं ये गलतियां:

गाड़ी चलाते समय अक्सर लोग स्पीड बढ़ाते समय गियर चेंज नहीं करते, जिस समय गाड़ी की स्पीड तेज होती है उस हिसाब से गाड़ी हाइअर गियर में जानी चाहिए लेकिन लोग निचले गियर में ही गाड़ी को रखते हैं. निचले गियर में अधिक स्पीड रखने पर इंजन पर दबाव पड़ेगा. कार की आवाज से इसके बारे में आपको पता लग जाएगा. इससे फ्यूल की खपत ज्यादा बढ़ जाएगी. साथ ही इंजन और गियर बॉक्स के खराब होने के चांस भी बढ़ जाते हैं. 

 



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