कुत्ते ने काटा तो मालिक पर लगेगा 10 हजार जुर्माना, पालतू जानवरों को लेकर नोएडा अथॉरिटी ने लिए कई अहम फैसले  – If your dog bites someone then 10 thousand fine will be imposed Noida Authority decisions regarding pets ntc


अगर आप नोएडा में रहे हैं और आपके पस डॉग है तो आप सतर्क हो जाइए क्योंकि अगर आपने जरा सी भी लापरवाही की तो आपको डॉग पालना महंगा पड़ सकता है. दरअसल नोएडा प्राधिकरण ने शनिवार को 207वीं बोर्ड बैठक के दौरान पालतू और आवारा जानवरों को लेकर कई कठोर फैसले लिए हैं. नोएडा में पालतू और आवारा जानवरों द्वारा काटे जाने के मामले लगातार समाने आ रहे हैं. ऐसी घटनाओं को लेकर बाद में कई सोसायटियों में हंगामा देखने को मिला है. ऐसे में प्राधिकरण ने इसको लेकर कई नीतियां बनाई हैं.

पालतू जानवरों के मालिकों को लेकर भी नोएडा प्राधिकरण ने फैसला किया है. प्राधिकरण ने कहा है कि पालतू कुत्तों के द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी करने पर सफाई की जिम्मेदारी पशु चालक की होगी. अगर पालतू जानवर के कारण कोई अप्रिय घटना होती है तो उसको लेकर 1 मार्च 2023 से 10 हजार का जुर्माना जानवर के मालिक पर लगाया जाएगा और जख्मी व्यक्ति के इलाज का पूरा खर्च भी वही उठाएगा.

नोएडा अथॉरिटी की सीईओ ऋतु माहेश्वरी ने की बैठक

31 जनवरी तक करवा लें अपने पेट्स का रजिस्ट्रेशन

प्राधिकरण ने बताया कि पालतू जानवरों डॉग और बिल्लियों का रजिस्ट्रेशन करवाना अब जरूरी है. इसके लिए 31 जनवरी 2023 तक का समय तय किया गया है. अगर पालतू जानवर के मालिक नोएडा अथॉरिटी पेट रजिस्ट्रेशन ऐप पर अपने जानवरों का रजिस्ट्रेशन नहीं करवाते हैं तो मालिकों पर जुर्माना लगाएगा. 

वैक्सीनेशन न कराने पर हर महीने लगेगा 2000 जुर्माना

इसके अलावा पालतू कुत्तों के स्ट्रेलिजेशन और एंटीरेबीज वैक्सीनेशन को भी प्राधिकरण ने अनिवार्य कर दिया है, जो भी मालिक अपने पालतू कुत्तों को ये वैक्सीन नहीं लगाएंगे उन पर 1 मार्च 2023 के बाद से ₹2000 प्रति माह जुर्माना लगाया जाएगा. 

आवारा कुत्तों व बिल्लियों के लिए बनाए जाएंगे शेल्टर होम

आरडब्ल्यूए और सोसाइटी में आवारा कुत्तों और अन्य जानवरों का आतंक देखने को मिल रहा है. इसको लेकर नोएडा प्राधिकरण ने आरडब्लूए और गांव के निवासियों के साथ बैठक के बाद फैसला लिया है कि आरडब्लूए, एओए और गांव के लोग प्राधिकरण को जमीन देंगे, जिसके ऊपर आवारा कुत्तों और बिल्लियों के लिए शेल्टर बनाए जाएंगे. इनमें बीमार और आक्रामक हो चुके कुत्तों और बिल्लियों की निगरानी की जाएगी. इन सेंटर्स का रखरखाव आरडब्ल्यूए और एओए करेगा. 

हर सोसायटी के बहार बनाया जाएगा फीडिंग प्लेस

सोसायटियों के निवासी और डॉग फीडर के बीच हमेशा तनातनी बनी रहती है. ऐसे में प्राधिकरण ने बीच का रास्ता निकालते हुए निर्देश दिए हैं कि सभी आरडब्लूए और सोसायटी के बाहर एक जगह तय कर आउटडोर एरिया पर फीडिंग स्थल बनाया जाएगा. इस फीडिंग स्थल पर सूचना बोर्ड भी लगाना अनिवार्य होगा. कुत्तों को खाने एवं पीने की व्यवस्था की जिम्मेदारी फीडर आरडब्ल्यूए और एओए के द्वारा ही की जाएगी.



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