गाजियाबाद: प्रोपर्टी हड़पने के लिए गढ़ी गैंगरेप की झूठी कहानी! महिला समेत 4 गिरफ्तार – Ghaziabad police arrested lady and 3 for False story of gang rape to grab property ntc


गाजियाबाद पुलिस ने कथित रूप से प्रोपर्टी विवाद में गैंगरेप का आरोप लगाने वाली दिल्ली की महिला (40) को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस का दावा है कि पीड़ित महिला ने जिन युवकों पर गैंगरेप का आरोप लगाया है, उनसे उसका प्रोपर्टी का विवाद चल रहा था. महिला ने प्रोपर्टी हड़पने के लिए अपने साथियों संग मिलकर पूरी साजिश रची है. जिसके बाद पुलिस ने महिला को उसके तीन साथियों के साथ धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है.

गाजियाबाद के पुलिस अधीक्षक (सिटी- I) निपुण अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया, “महिला को हमारी पुलिस टीम ने गिरफ्तार किया है. उसे मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जिन्होंने उसे 14 दिनों की न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है. महिला के साथी आजाद, अफजल और गौरव को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया था.”

स्वाति मालीवाल ने भी किया था ट्वीट

बता दें कि बुधवार को दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाती मालीवाल ने ट्वीट कर दावा किया था कि महिला जूट के थैले में लिपटी हुई मिली, उसके हाथ-पैर बंधे हुए थे और उसके गुप्तांगों में लोहे की रॉड डाली गई थी. पीड़िता की शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गुरुवार को 5 युवकों को हिरासत में लिया था. जिन्होंने पूछताछ में आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया था कि उनका महिला से प्रोपर्टी का विवाद चल रहा है, जिसके लिए यह साजिश रची गई है.

महिला पर इन धाराओं में मामला दर्ज

सीओ सिटी-2 आलोक दुबे ने बताया कि इस तरह की कोई वारदात नहीं हुई थी, जिसके चलते किसी तरह के सबूत मिलने का कोई सवाल ही नहीं था. शुक्रवार को महिला और उसके साथियों के खिलाफ धारा 420 (धोखाधड़ी और बेईमानी से संपत्ति की डिलीवरी के लिए प्रेरित करना), 467 (मूल्यवान सुरक्षा की जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी) और 471 (धोखाधड़ी से वास्तविक दस्तावेज के रूप में उपयोग करना) के तहत मामला दर्ज किया है. 

सबूत मिलने का कोई सवाल ही नहीं- आईजी

वहीं मेरठ के महानिरीक्षक (आईजी) प्रवीण कुमार ने गुरुवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “हमें उनके (महिला की शिकायत पर गिरफ्तार किए गए युवकों) खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है. प्रथम दृष्टया, इस मामले में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है. इसलिए, सबूत मिलने का कोई सवाल ही नहीं है.”

महिला आयोग ने जांच टीम का गठन किया

वहीं राष्ट्रीय महिला आयोग ने गुरुवार इस मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय तथ्य-खोज टीम का गठन किया है. जिसमें कहा गया कि “महिला पर की गई बर्बरता समझ से परे और निंदनीय है और उत्तर प्रदेश के डीजीपी को भी मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए कहा गया है.



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