‘चीन का सैनिक 4 साल का अग्निवीर नहीं, ये कैसी देशभक्ति?’ राहुल गांधी का ‘अग्निपथ’ पर निशाना – Rahul Gandhi criticized the central government Agneepath scheme ntc


कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्र सरकार की अग्निपथ स्कीम पर निशाना साधा है. चीन के साथ सीमा पर जारी तनाव के बीच राहुल गांधी ने कहा, ‘चीन का सैनिक 4 साल का अग्निवीर नहीं है. चीन के पास 10-20 साल की ट्रेनिंग है. हमारे सैनिक को आप (केंद्र सरकार) सिर्फ 6 महीने की ट्रेनिंग दे रहे हैं. ये कैसी देशभक्ति है. हमारे युवाओं के दिल में जो देशभक्ति की भावना है, आप (केंद्र) उसका मजाक उड़ा रहे हो और नाम अग्निवीर दे दिया है.’

बता दें कि राहुल गांधी कांग्रेस के सीनियर नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ इस समय ‘भारत जोड़ो यात्रा’ निकाल रहे हैं. कन्याकुमारी से शुरू हुई राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा कर्नाटक, तेलंगाना और महाराष्ट्र पहुंच चुकी है. इस वक्त यात्रा महाराष्ट्र में है, जहां से 20 नवंबर को यात्रा में शामिल सभी लोग मध्यप्रदेश में प्रवेश कर जाएंगे.

मध्य प्रदेश कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक, इस यात्रा के तहत राहुल गांधी मध्य प्रदेश में दो ज्योतिर्लिंग महादेव मंदिरों के दर्शन करेंगे. इनमें से एक खांडवा का ओंकारेश्वर और दूसरा उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर है. कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की सोमवार को दिल्ली में बैठक हुई. इस दौरान भारत जोड़ो यात्रा की विस्तृत समीक्षा की गई, जिसके बाद सूत्रों ने बताया कि यात्रा के उत्तर भारत में प्रवेश के साथ ही पार्टी एक और रणनीति के तहत काम करेगी.

क्या है अग्निपथ स्कीम?

भारतीय सेना में पहली बार ऐसी कोई स्कीम लॉन्च की गई है, जिसमें शॉर्ट टर्म के लिए सैनिकों की भर्ती की जाएगी. इस योजना के तहत हर साल करीब 40-45 हजार युवाओं को सेना में शामिल किया जाएगा. ये युवा साढ़े 17 साल से 21 साल की उम्र के बीच के होंगे.

ये भर्तियां मेरिट और मेडिकल टेस्ट के आधार पर की जाएंगी.

– इन चार वर्षों में सैनिकों को 6 महीने की बेसिक मिलिट्री ट्रेनिंग दी जाएगी.

– 30-40 हजार मासिक वेतन के साथ अन्य लाभ भी दिए जाएंगे.

– पहले साल 30 हजार, दूसरे साल 33 हजार, तीसरे साल 36500 और चौथे साल 40 हजार मासिक वेतन मिलेगा .

– चार साल पूरे होने के बाद इन सभी अग्निवीरों की सेवा समाप्त हो जाएगी और फिर नई भर्तियां की जाएंगी.

– सेवा समाप्त होने वाले 25 फीसदी अग्निवीरों को स्थायी काडर में भर्ती किया जाएगा.



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