थम नहीं रहीं इमरान खान की मुश्किलें, अब विदेशी फंडिंग से जुड़े मामले में केस दर्ज – Imran Khan and his party PTI raised funding from abroad case registered ntc


पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ मंगलवार को संघीय जांच एजेंसी (FIA) ने कथित तौर पर विदेश से प्रतिबंधित धन प्राप्त करने के आरोप में मामला दर्ज किया है. राज्य द्वारा इस्लामाबाद में एफआईए के कॉर्पोरेट बैंकिंग सर्कल के माध्यम से मामला दर्ज किया गया था.

गलत तरीके से पैसे लेने का मामला

डॉन अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक आरिफ मसूद नकवी, जो वूटन क्रिकेट लिमिटेड के मालिक हैं, ने पीटीआई के नाम से पंजीकृत एक बैंक खाते में ‘गलत तरीके से’ पैसा ट्रांसफर किया. इस शिकायत में कहा गया है, ‘लेन-देन के त्वरित संदेशों में बताया गया उद्देश्य इन फंडों की वास्तविक प्रकृति, उत्पत्ति, स्थान, आंदोलन और स्वामित्व को छिपाने के लिए ‘सहमत ट्रांसफर’ है.’

FIR में धोखाधड़ी के मामलों का जिक्र

एफआईआर के अनुसार सत्ताधारी दल के पूर्व नेताओं ने विदेशी मुद्रा अधिनियम का उल्लंघन किया है और उन्हें संदिग्ध बैंक खातों का लाभार्थी घोषित किया गया है. एफआईआर में आगे कहा गया है कि नकवी ब्रिटेन और अमेरिका में निवेशकों से धोखाधड़ी के मुकदमे का भी सामना कर रहे हैं.

इन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

इस शिकायत में इमरान खान, सरदार अजहर तारिक खान, सैफुल्ला खान न्याजी, सैयद यूनुस अली रजा, आमेर महमूद कियानी, तारिक रहीम शेख, तारिक शफी, फैसल मकबूल शेख, हामिद जमान और मंजूर अहमद चौधरी को पीटीआई खाते के हस्ताक्षरकर्ता / लाभार्थी के रूप में नामित किया गया है.

पार्टी ने जो हलफनामा किया पेश, वो निकला फर्जी

बता दें कि पीटीआई ने पाकिस्तान के चुनाव आयोग के सामने आरिफ मसूद नकवी का एक हलफनामा पेश किया जिसमें कहा गया था कि डब्ल्यूसीएल के खातों में एकत्र की गई सभी राशि पाकिस्तान में पीटीआई के खाते में जमा की गई थी. यह हलफनामा झूठा/फर्जी साबित हुआ है क्योंकि मई 2013 में डब्ल्यूसीएल से पाकिस्तान में दो अलग-अलग खातों में दो और लेनदेन भी किए गए थे. पिछले महीने, चुनाव आयोग ने पीटीआई के खिलाफ निषिद्ध धन मामले में अपने फैसले में कहा था कि पार्टी को वास्तव में निषिद्ध धन प्राप्त हुआ था.

मुख्य चुनाव आयुक्त सिकंदर (सीईसी) सुल्तान राजा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय ईसीपी पीठ ने कहा कि पार्टी को जानबूझकर वूटन क्रिकेट लिमिटेड से धन प्राप्त हुआ. पार्टी 2,121,500 अमेरिकी डॉलर के निषिद्ध धन का ‘इच्छुक प्राप्तकर्ता’ थी.



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