‘थरूर को वोट देने वाले जल्द बीजेपी में हो जाएंगे शामिल’, असम सीएम के बयान पर आया ये जवाब, देखें VIDEO – Assam CM Hemanta Biswa Sarma said voted for Shashi Tharoor will soon join BJP Congress leader replied ntc


असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शनिवार को शशि थरूर के बहाने कांग्रेस पर टिप्पणी कर एक नई बहस को खड़ा कर दिया है. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर हाल में हुए चुनाव परे कहा कि उन्हें उम्मीद है कि शशि थरूर को वोट देने वाले जल्द ही बीजेपी में शामिल हो जाएंगे.

सीएम सरमा ने कहा कि कांग्रेस के तथाकथित आंतरिक चुनावों के नतीजे वोटों की गिनती से पहले ही ज्ञात और घोषित कर दिए गए थे. कांग्रेस में एकमात्र लोकतांत्रिक लोग 1,000 प्रतिनिधि थे, जिन्होंने साहस दिखाकर शशि थरूर को वोट दिया था. मुझे उम्मीद है कि वे जल्द ही बीजेपी में शामिल हो जाएंगे.

असम के सीएम ने कांग्रेस पर की टिप्पणी

शशि थरूर ने किया पलटवार, जारी किया वीडियो

वहीं शशि थरूर ने सीएम हिमंता सरमा के बयान पर पलटलवार किया. उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा कि जिन लोगों ने साहस दिखाया, वे कभी भी बीजेपी में शामिल नहीं होंगे. ऐसा केवल वे ही लोग करेंगे, जिनमें लड़ने की हिम्मत नहीं है. बीजेपी में शामिल होने से पहले असम के सीएम कांग्रेस पार्टी के ही नेता थे.

शशि थरूर ने पलटवार किया

 

 

मल्लिकार्जुन खड़गे को मिले थे 7897 वोट 

पिछले महीने की कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव परिणाम घोषित हुए थे. इनमें मल्लिकार्जुन खड़गे विजयी घोषित हुए थे. कांग्रेस को 24 साल बाद गांधी परिवार से बाहर का अध्यक्ष मिला. इससे पहले सीताराम केसरी गैर गांधी अध्यक्ष रहे थे. 

कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए 17 अक्टूबर को वोटिंग हुई थी. इस चुनाव में मल्लिकार्जुन खड़गे को 7897 वोट मिले थे, जबकि उनके खिलाफ चुनाव लड़ने वाले शशि थरूर को महज 1072 वोट मिले थे. 416 वोट अमान्य घोषित कर दिए गए थे. कुल 9385 डेलिगेट्स ने वोट डाले थे. कांग्रेस में इससे पहले अध्यक्ष पद के लिए 1939, 1950, 1977, 1997 और 2000 में चुनाव हुए थे.

थरूर ने चुनाव की विश्वनीयता पर उठाए थे सवाल

अब जानकारी के लिए बता दें कि थरूर के मुख्य चुनाव एजेंट सलमान सोज ने पार्टी के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के अध्यक्ष मधुसूदन मिस्त्री को एक चिट्ठी लिखी थी. नतीजों के बाद उनकी तरफ से वो चिट्ठी लिखी गई थी. आरोप लगाया गया था कि यूपी में जो चुनाव करवाया गया, उसमें विश्वनीयता की कमी थी.



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