दीपोत्सव के दिन रामलला को पहनाए जाएंगे खास तरह के वस्त्र, जानिए क्या है वजह – Deepotsav in Ayodhya PM Narendra Modi will be present ntc


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिवाली की पूर्व संध्या पर पहली बार दीपोत्सव में शामिल होंगे. वह रविवार को अयोध्या पहुंचेंगे. पीएम के स्वागत के लिए भव्य तैयारियां की जा रही हैं. वहीं दीपोत्सव के दिन यानी 23 अक्टूबर को राम जन्मभूमि पर विराजमान रामलला को खास वस्त्र पहनाए जाएंगे. रामलला और उनके भाई भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न एक जैसे वस्त्र पहनते हैं, इसलिए चारों भाइयों के लिए एक तरह के वस्त्र तैयार किए गए हैं. रामलला को गुलाबी रंग का वस्त्र पहनाया जाएगा. इस वस्त्र पर सुनहरी जरी वर्क किया गया है. रामलला दिन के रंग के अनुसार वस्त्र पहनते हैं इसलिए रविवार को उन्हें गुलाबी रंग के वस्त्र पहनाए जाएंगे.

राम दरबार-हनुमान की तस्वीर वाले ध्वज बनाए गए

दीपोत्सव में भगवा ध्वज लगाकर पीएम नरेंद्र मोदी का स्वागत किया जाएगा. स्वागत के लिए हजारों ध्वज बनाए गए हैं. इन ध्वजों पर राम दरबार और हनुमान की तस्वीर बनी है. पीएम मोदी के रूट पर सड़क के दोनों तरफ ये झंडे लगाए जाएंगे. पीएम मोदी सरयू आरती के साथ-साथ राम राज्याभिषेक के भी साक्षी बनेंगे.

17 लाख दीपकों से जगमग होगी अयोध्या

पीएम नरेंद्र मोदी दीपोत्सव के मेगा इवेंट में शामिल होकर एक नए वर्ल्ड रिकॉर्ड के साक्षी बनेंगे. इस बार 15 लाख से अधिक दीपक जलाकर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है. इसके लिए 17 लाख दीपक जलाए जाएंगे. इसीलिए 17 लाख 50 हजार दीपक खरीदे गए हैं. 40 मिलीलीटर के दीपकों को जलाने के लिए 3500 लीटर सरसों के तेल का इस्तेमाल किया जाएगा. एक साथ त्वरित गति से दीपक जलाए जा सकें, इसके लिए लगभग 22 हजार वॉलिंटियर्स की मदद ली जाएगी. सीएम योगी आदित्यनाथ ने साल 2017 में अयोध्या दीपोत्सव की शुरुआत की थी.

इस बार 40 घाटों पर दीपक जलाए जाएंगे

दीपोत्सव के नोडल अधिकारी अजय प्रताप सिंह के मुताबिक पिछली बार 32 घाटों पर दीप जलाए गए थे. इस बार 40 घाटों पर दीप जलाए जाएंगे. पिछली बार 72 दीपों का ब्लॉक बनाया गया था, लेकिन इस बार 92 दीपों का ब्लॉक बनाया जाएगा. यानी राम की पैड़ी के आस-पास के घाटों को भी दीपोत्सव कार्यक्रम में शामिल किया गया है.

अयोध्या में हर जगह रामलीला और सांस्कृतिक कार्यक्रम 

अयोध्या में दीपोत्सव के दौरान देश की लोक संस्कृति और परंपरा की झलक भी दिखाई देगी. अलग-अलग लोक कलाकार अपनी स्थानीय कला का प्रदर्शन करेंगे. वहीं, 8 देशों की रामलीला का मंचन अलग-अलग देशों के कलाकारों के द्वारा किया जाएगा.

यानी दीपोत्सव के दौरान अयोध्या बिल्कुल वैसी ही दिखाई देगी, जैसे त्रेता युग में भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण के लंका विजय के बाद अयोध्या पहुंचने पर दिखाई दी थी. हर्षोल्लास से भरी और गौरवान्वित अयोध्या.

 



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