भाग मिल्खा भाग के लिए सोनम ने ली 11 रुपये फीस, डायरेक्टर राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कैसे बनी फिल्म – Rakeysh Omprakash Mehra reveals Milkha singh star cast fees sonam kapoor took 11 rupees sahitya aajtak 2022 tmovk


‘साहित्या आजतक 2022’ के मंच पर फिल्म इंडस्ट्री के मशहूर डायरेक्टर राकेश ओमप्रकाश मेहरा पहुंचे थे. उन्होंने अपनी शुरुआती करियर, गुलजार साहब से पहली मुलाकात, दिल्ली में हुई परवरिश और किस तरह वह इंडस्ट्री के जाने-माने डायरेक्टर बने, यह पूरी कहानी बताई. यह भी बताया कि आखिर ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ कैसे बनी. उसका उन्हें आइडिया कैसे आया. 

डायरेक्टर ने सुनाई कहानी
राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने बताया, “फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ मैंने एथलेटिक्स पर नहीं बनाई थी. उस फिल्म को बनाने के पीछे आइडिया था कि मैं बड़े पर्दे पर फिल्म के जरिए पार्टीशन ऑफ इंडिया के बारे में बता सकूं. देश का जब बंटवारा हो रहा था या हो गया था तो लाखों लोग आजादी की खुशियां मना रहे थे. लेकिन लाखों लोग पार्टीशन का दुख भी झेल रहे थे तो यह बात मैं रीक्रिएट करना चाह रहा था. वह भी मिल्खा सिंह की लाइफ के जरिए.”

थोड़ा सुनकर, थोड़ा रिसर्च करके मैंने पार्टीशन के बारे में फिल्म बनाने का सोचा था. मैं जैसे दिल्ली में पला बढ़ा हूं तो आसपास रह रहे अंकल मुझे पार्टीशन के दौरान की कहानियां बताया करते थे. वहां से भी मुझे फिल्म बनाने का आइडिया आया. मैंने मिल्खा सिंह की आत्मकथा पढ़ी तो वह गुरमुखी में थी. वह मुझे आती नहीं थी तो मेरे एक अंकल ने उसे पूरी रात पढ़ा और अगले दिन मुझे कहानी सुनाई. मेरे एक दोस्त ने मेरी मुलाकात मिल्खा सिंह के साथ चंडीगढ़ में ऑर्गेनाइज की. मैंने उनसे कहा कि मैं आपकी कहानी सुनना चाहता हूं, वह भी आपकी जुबानी. उन्होंने मुझे तीन-चार घंटे रखा. खाना खिलाया. मुझे रखा और पूरी कहानी सुनाई. मेरी आंखों में आंसू आ गए. उनकी आंखें भी नम थीं. मैं अगले सात दिन तक चंडीगढ़ से वापस नहीं आया.

फिल्म के लिए मिल्खा सिंह ने लिए 1 रुपया, सोनम कपूर ने केवल 11 रुपये

“मैंने गांधी आश्रम से कुर्ता-पायजामा खरीदा और होटल में सात दिन तक रहा. मैं मिल्खा सिंह के पास रोज जाता था, सुनता था. उसके बाद तो उनके पास हजारों चक्कर लगे. तो 12 साल का एक लड़का था, कहानी बड़ी ही दिलचस्प थी. 12 साल की उम्र में अपने मां, भाई, बहन, गांव के दो हजार लोगों का कत्ल देखा. दिल्ली आया. यहां के रेफ्यूजी कैंप में रहा. रेफ्यूजी कैंप में खाने को नहीं. सोने को जगह ठीक नहीं. ये बंदा आगे जाकर इंडिया में रिकॉर्ड बनाता है, जिसे 60 साल तक कोई नहीं तोड़ पाता है. आगे जाकर यही 12 साल का लड़का एशियन गेम्स में डबल मेडल लेता है. कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड बनाता है, फ्रांस में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाता है तो यह कहानी बताने वाली थी. जमीन से जुड़ी कहानी थी. मेरे से पहले मिल्खा सिंह के पास 1.5 करोड़ का ऑफर आया था, उनपर फिल्म बनाने के लिए और उसके कॉपीराइट के लिए भी. उन्होंने वह ठुकरा दिया था. मैंने मिल्खा सिंह के बेटे से कहा कि मेरे पास तो इतने पैसे हैं नहीं, आप बताइए, कर लेंगे कुछ. तब आप यकीन नहीं मानेंगे, उन्होंने मेरे से कितने पैसे लिए. मिल्खा सिंह ने मेरे से 1 रुपया लिया. और सोनम कपूर ने केवल 11 रुपये लिए थे. फरहान अख्तर ने कहा कि पहले फिल्म बनाते हैं, इसके बाद देखते हैं. जो मिले जो मन में आए, वह दे देना. ये जो कहानी बोल रहे हैं, वह बहुत ही शानदार है. पहले फिल्म पर काम शुरू करते हैं.”

 



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