भारतीय रेसलरों के साथ स्पेन के दूतावास ने क्यों किया इतना बुरा सलूक? – Spain Embassy denied visas for indian wrestlers will miss under 23 World Wrestling Championship tournament tlifws


दुनिया में जब भी रेसलिंग प्रतियोगिताओं की बात की जाती है तो उसमें भारतीय पहलवानों को खास अहमियत दी जाती है. भारतीय पहलवानों ने विश्व के अलग-अलग देशों में दूसरे पहलवानों को चित करके अपने देश का परचम लहराया है. भारत का रेसलिंग में इतना अहम योगदान होने के बावजूद स्पेन ने जिस तरह का व्यवहार भारतीय रेसलरों के साथ किया है, उस पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं. 

दरअसल, स्पेन के पोंतेवेद्रा में  17 से 23 अक्टूबर के बीच आयोजित होने जा रहे अंडर 23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में भारतीय टीम भी हिस्सा लेने के लिए तैयार थी. भारतीय रेसलिंग फेडरेशन ने पूरी तैयारी भी कर ली थी. लेकिन स्पेन एम्बेसी की ओर से अधिकतर खिलाड़ियों को वीजा ही नहीं दिया गया. दूतावास के एक अधिकारी ने मेल में कहा कि उन्हें खिलाड़ियों के स्पेन प्रवास के मकसद और शर्तों को लेकर कई तरह के संदेह हैं. 

वीजा ना मिलने की वजह से प्रतियोगिता के पिछले 6 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा, जब भारतीय टीम इसमें हिस्सा नहीं लेगी. पिछले साल 2021 में यह टूर्नामेंट सर्बिया के बेलग्रेड में आयोजित किया गया था, जहां भारतीय पहलवानों ने 5 मेडलों को अपने नाम किया था. 

बड़े रेसलरों का नाम था शामिल

रेसलिंग के अंडर-23 टूर्नामेंट प्रतियोगिता में भारत की ओर से 45 लोग शामिल होने वाले थे, जिनमें 30 महिला और पुरुष रेसलर ही थे.  इन रेसलरों में अंडर-20 रेसलिंग में भारत की पहली वर्ल्ड चैंपियन अंतिम पंघल (53 KG), वर्ल्ड कैडेट चैंपियन सागर जगलान (74 KG), रीतिका हुडा जैसे रेसलर भी शामिल हैं.

भारतीय रेसलिंग फेडरेशन में असिस्टेंट सेक्रेटरी विनोद तोमर ने कहा कि 4 अक्टूबर को सभी चयनित लोगों के शेंगेन वीजा ( Schengen visa) के लिए एप्लीकेशन जमा कर दी गई थी. उसी अनुसार ही सभी के फ्लाइट टिकट बुक कर लिए गए थे. हालांकि, जाने से पहले ही स्पेन एम्बेसी की ओर से वीजा एप्लीकेशनों को कैंसिल कर दिया गया. कैंसिल करने की वजह बताई गई कि स्पेन एम्बेसी के मन में शंका है कि यह लोग वीजा अवधि से ज्यादा पोंतेवेद्रा में स्टे कर सकते हैं. 

विनोद तोमर ने बताया कि एम्बेसी चाहती थी कि सभी लोगों का वीजा प्रीमियम लाउंज सर्विसेज के तहत अप्लाई किया जाए. लेकिन ऐसा करने से पूरे ट्रिप का खर्चा बढ़ जाता. विनोद तोमर ने आगे कहा कि अब हम कभी भी अपनी रेसलिंग टीम को स्पेन नहीं भेजेंगे. साथ ही हम यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग से यह आग्रह करेंगे कि स्पेनिश रेसलिंग फेडरेशन को किसी भी अंतराष्ट्रीय टूर्नामेंट न सौंपा जाए. 

यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग से की जाएगी शिकायत

विनोद तोमर ने आगे कहा कि वीजा कैंसिल होने की वजह से भारतीय रेसलरों को जो शर्मनाक स्थिति का सामना करना पड़ा है, उसे लेकर भारत की ओर से यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ( UWW) को आधिकारिक शिकायत भी की जाएगी. 

विनोद तोमर ने कहा कि वह चाहते हैं कि हम प्रीमियम लाउंज सर्विसेज के तहत वीजा अप्लाई करें, लेकिन हम ऐसा क्यों करें? यह पहली बार नहीं है, जब भारतीय टीम शेंगेन वीजा ( Schengen visa) के जरिए यात्रा करती. विनोद तोमर ने कहा कि एम्बेसी को हमारे रेसलरों के वहां ओवर स्टे को लेकर शक है, यह कैसा मजाक है. विनोद तोमर ने कहा कि 45 सदस्यों में सिर्फ 9 रेसलर ही प्रतियोगिता के लिए पहुंचे हैं. उनके साथ न कोई कोच हैं और ना ही कोई सपोर्ट स्टाफ. 

वीजा कैंसिल करते समय क्या बोली स्पेन एम्बेसी
भारतीय रेसलिंग फेडरेशन ने रेसलर अंतिम की रद्द की गई वीजा एप्लीकेशन को लेकर जानकारी दी. इस वीजा एप्लीकेशन पर एम्बेसी ऑफ स्पेन की ओर से कहा गया कि एम्बेसी ने एप्लीकेशन की जांच की, जिसके आधार पर वीजा नहीं दिया जा रहा है. 

एम्बेसी ने रेसलर अंतिम को वीजा न देने के पीछे दो वजह भी बताई गई, पहली वजह कि स्पेन के शहर में रुकने के लिए जो जानकारी एप्लीकेशन में दी गई है, वह बहुत स्पष्ट नहीं है. वहीं दूसरी वजह बताई गई कि दूतावास को आशंका है कि खिलाड़ी वीजा एक्सपायर होने के बाद भी रुक सकते हैं.



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