मसूड़े और यूरिन से आ रहा है खून… हो सकती है प्लेटलेट्स की कमी, जानिए एक्सपर्ट की सलाह – Lack of platelets blood can come from gums and urine Dengue cases increasing in UP ntc


यूपी के कई जिलों में डेंगू ने दस्तक दे दी है. राज्य में सैकड़ों मरीज अस्पताल में भर्ती हैं. कानपुर, लखनऊ, बाराबंकी, आगरा में डेंगू का कहर बरपा रहा है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों के साथ बैठक की. जहां उन्होंने अस्पतालों में बेड और दवाओं समेत अन्य जरूरी सुविधाओं को पूरा करने के निर्देश दिए हैं.

इस बीच लखनऊ सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ. आनंद ओझा ने आजतक को बताया कि डेंगू के हर केस में प्लेटलेट्स की जरूरत नहीं होती है. डेंगू के लक्षणों के हिसाब से प्लेटलेट्स की कमी को पता किया जा सकता है. उन्होंने बताया कि मसूड़े और यूरिन से खून आना, काला मल आना, ये सब प्लेटलेट्स की कमी के लक्षण होते हैं. उन्होंने कहा कि बिना सलाह के प्लेटलेट्स नहीं दिया जाता है. इसका कोई मापदंड नहीं जिससे आम आदमी समझ सके कि शरीर में प्लेटलेट्स ठीक स्तर में हैं या नहीं.

3 से 10 दिन होगी प्लेटलेट्स की लाइफ

निदेशक ने कहा कि प्लेटलेट्स कब निकाला गया, उसे कब ट्रांसफ्यूज किया गया, इस समय अवधि का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है. जिस दिन प्लेटलेट्स का कलेक्शन किया जाता है, उसके बाद जितनी जल्दी हो सकते मरीज को इसे देना होता है ताकि उसका रिजल्ट सही आ सके. उन्होंने बताया कि प्लेटलेट्स की लाइफ 3 से 10 दिन तक होती है.

दवा या कुछ खाने से नहीं बढ़तीं प्लेटलेट्स

आनंद ओझा ने बताया कि प्लेटलेट्स आरबीसी के टूट-फूट से बनती है, जो शरीर अपने आप बनाता है. इसे किसी भी माध्यम से शरीर में नहीं बढ़ाया जा सकता, न दवा और न ही कुछ खाने से. उन्होंने कहा कि भरपूर मात्रा में पानी पीने और चिकित्सक की सलाह से इलाज के जरिए प्लेटलेट्स को शरीर में बनाए रखा जा सकता है.

शरीर पर रैशेज पड़ें तो डॉक्टर को दिखाएं

निदेशक आनंद ओझा ने कहा कि अगर शुरुआत में बुखार और शरीर पर रैशेज हों तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. डेंगू का पता चलने के बाद ही प्लेटलेट्स काउंट की जरूरत के हिसाब से इलाज किया जाता है.

24 घंटे में 5666 एक्टिव केस मिले

पिछले 24 घंटों में 12344 टेस्ट किए गए हैं, जिनमें से कुल 5666 एक्टिव केस मिले हैं. इस साल 1 जनवरी से 2 मौतों के साथ डेंगू के 18000 मामले दर्ज किए गए हैं. सबसे अधिक प्रभावित जिले प्रयागराज 911, लखनऊ 749, जौनपुर 366 और अयोध्या 325 मामले पाए गए हैं.

डिप्टी सीएम बोले-डेंगू की स्थिति कंट्रोल में

यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि डेंगू की स्थिति नियंत्रण में है, पिछले साल की तुलना में इस बार कम मामले हैं. प्रयागराज, लखनऊ, जौनपुर में सबसे ज्यादा मामले हैं. उन्होंने कहा कि सीएचसी-पीएचसी स्तर पर डॉक्टरों को अलर्ट कर दिया गया है. वार्ड में बेड की कमी नहीं है. नगर निगम द्वारा लार्वा का छिड़काव किया जा रहा है.

 



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