मोरबी हादसे की जांच के लिए SIT गठित, लापता लोगों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी – gujarat SIT formed to investigate Morbi bridge incident helpline number issued for missing people ntc


गुजरात के मोरबी में मच्छु नदी पर हुए ब्रिज हादसे की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है. जो इस मामले के हर पहलु पर जांच करेगी. वहीं प्रशासन ने लापता लोगों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है. दरअसल, मोरबी झूलता पुल गिरने की घटना में जिनके परिवार के सदस्य फंसे या लापता हैं, उनकी जानकारी के लिए कलेक्टर कार्यालय के आपदा नियंत्रण कक्ष का नंबर 02822 243300 जारी किया है. जिस पर लोग अपने परिजनों की जानकारी कर सकते हैं. गुजरात की मंत्री ने भी ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है.

बता दें कि रविवार शाम मोरबी में केबल ब्रिज टूटने से कई लोग नदी में गिर गए. मौके पर मौजूद गुजरात के मंत्री बृजेश मेरजा के मुताबिक हादसे में करीब 60 लोगों की मौत हो चुकी है. 70 घायलों का रेस्क्यू कर लिया गया है, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बचे हुए लोगों को नदी से निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. ब्रिज रिनोवेशन के बाद हाल ही में चालू किया गया था.

SIT में ये अधिकारी शामिल

1. IAS राजकुमार बेनीवाल – म्युनिसिपल एडमिनिस्ट्रेशन कमिश्नर 

2. के.एम पटेल- चीफ़ इंजीनियर R&B 

3. डॉ गोपाल टैंक- HoD स्ट्रकचरल इंजीनियर 

4. संदीप वसावा- सेक्रेटरी R&B 

5. सुभाष त्रिवेदी-  आईजी CID क्राइम

दो करोड़ की लागत से हुआ था रिनोवेशन का काम

जानकारी के मुताबिक इस केबल ब्रिज को 5 दिन पहले ही मरम्मत के बाद खोला गया था. यहां रविवार को सैकड़ों लोग छुट्टी मनाने निकले थे. इसके रिनोवेशन का काम एक ट्रस्ट ने किया था. जिसमें करीब दो करोड़ का खर्च आया है. इसमें प्रशासन की लापरवाही को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. जिसके बाद गुजरात सरकार ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है. 

मृतकों और घायलों के लिए मुआवजे का ऐलान 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हादसे पर संज्ञान लिया है. उन्होंने गुजरात के सीएम से फोन पर मामले की विस्तृत जानकारी ली और पीएम राहत कोष से मृतकों के परिवारों के लिए 2-2 लाख व घायलों को 50-50 हजार मुआवजा देने का ऐलान किया गया है. वहीं राज्य सरकार ने भी मुआवजे का ऐलान किया है. जिसमें मृतकों को 4-4 लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये देने का ऐलान राज्य सरकार ने किया है.



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