योगी सरकार ने अनुपूरक बजट में खोला खजाना, 34 हजार करोड़ से प्रदेश में होंगे विकास कार्य – Yogi government tables Supplementary budget in Uttar Pradesh Assembly ntc


यूपी सरकार ने विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन सोमवार को वर्ष 2022-23 के लिए अनुपूरक बजट विधानसभा में पेश किया. ये योगी सरकार 2.0 का पहला अनुपूरक बजट है. इसमें करीब 34 हजार करोड़ रुपए की भारी भरकम राशि का प्रावधान किया गया. जिसमें फरवरी में होने वाले ग्लोबल इंवेस्टर समिट और प्रयागराज महाकुंभ के लिए भी बजट की व्यवस्था की गई है. मंगलवार को अनुपूरक बजट कर चर्चा होगी.

दरअसल, मैनपुरी लोकसभा और रामपुर व खतौली विधानसभा के उपचुनाव के बीच सरकार ने अनुपूरक बजट के जरिए प्राथमिकता की योजनाओं के लिए पिटारा खोल दिया है. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने शीत सत्र के पहले दिन 33,769 करोड़ रुपए का अनुपूरक बजट विधानसभा में पेश किया. 14 हज़ार करोड़ की नई योजनाएं भी इसमें शामिल की गई हैं. 

बजट में उम्मीद के मुताबिक फरवरी में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (Global Investors Summit) के लिए धन की व्यवस्था की गई है. 296 करोड़ रुपए का प्रावधान इसके लिए लिया गया है. 10 से 12 फरवरी तक होने वाले इन्वेस्टर्स समिट से सरकार प्रदेश में निवेश बढ़ाने की कोशिश कर रही है.

स्टार्ट अप को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़

औद्योगिक क्षेत्र में सरकार ने बजट में सबसे ज़्यादा धन का प्रावधान किया है. बजट में औद्योगिक विकास और निवेश के लिए माहौल बनाने के लिए इंडस्ट्रियल अथॉरिटीज़ को प्राइवेट इंडस्ट्रीयल पार्क (Private Industrial Parks and Hubs) के लिए 8000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. यूपी सरकार वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के लक्ष्य की दिशा में काम कर रही है. इसके लिए प्रदेश में स्टार्ट अप को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गयी है. इसके अलावा प्रयागराज में महाकुंभ सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है. महाकुंभ के भव्य आयोजन की तैयारियों के लिए 521 करोड़ रुपए का बजट में प्रावधान किया गया है.

स्मार्ट सिटी मिशन के लिए 899 करोड़

अनुपूरक बजट में ख़ास तौर पर शहरों पर फ़ोकस किया गया है. स्मार्ट सिटी मिशन (Smart City Mission)के लिए 899 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है. चुनाव पूर्व बीजेपी के संकल्प पत्र में शामिल छात्रों को लैपटॉप और स्मार्ट फ़ोन देने के लिए विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना को आगे भी जारी रखने और टैब्लेट और स्मार्टफ़ोन वितरण के लिए 300 करोड़ रुपए रखे गए हैं. 

ईको-टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा

यूपी सरकार ने हाल ही में पर्यटन की नई नीति की घोषणा की है. इसके तहत ख़ास तौर कर ईको-टूरिज्म के विकास पर ज़ोर दिया जाएगा. अनुपूरक बजट में ईको-टूरिज्म के लिए 20 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है. सरकार ने धार्मिक पर्यटन और संस्कृति के संरक्षण के क्षेत्र में भी कई घोषणाएं की थीं. आज़मगढ़ के हरिहरपुर में संगीत महाविद्यालय की स्थापना के लिए, प्रयागराज में भजन स्थल के निर्माण के लिए और सीतापुर के नैमीशारण्य तीर्थ के विकास के लिए भी धन का प्रावधान किया गया है.

सड़कों के लिए 2 हजार करोड़

सड़कों के चौड़ीकरण और उनके रखरखाव के लिए भी धन का प्रावधान बजट में की गई है. 2000 करोड़ रुपए का प्रावधान सड़कों के लिए किया गया है. औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र(आईटीआई) में उन्नत प्रयोगशाला निर्माण के निर्माण के लिए 75 करोड़ रुपए और आईटीआई को अपग्रेड करने के लिए 17 करोड़ की व्यवस्था की गई है.

केंद्र की योजनाओं को दी गई प्राथमिकता

केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को गति देने के लिए भी बजट का एक बड़ा हिस्सा रखा गया है. प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना, स्मार्ट सिटी योजना, अमृत योजना स्वच्छ भारत मिशन को भी अनुपूरक बजट के प्राथमिकता दी गई है और धन की व्यवस्था की गई है. अनुपूरक बजट पर चर्चा 6 दिसम्बर को होगी और इसी दिन बजट को पास कराया जाएगा. उससे पहले सत्र की शुरुआत में पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को श्रद्धांजलि दी गई.



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