लखीमपुर हिंसा: कल होगी आशीष मिश्रा की रिहाई, बेल ऑर्डर में छूटी धाराओं को जोड़ने के आदेश – lakhimpur violence ashish mishra will get bail tomorrow left IPC sections will be included in bail order ntc


स्टोरी हाइलाइट्स

  • कल हो सकती है आशीष मिश्रा की रिहाई
  • लखीमपुर हिंसा में मुख्य आरोपी है आशीष

लखीमपुर हिंसा मामले में मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा को हाई कोर्ट से मिली जमानत में दो धाराओं के नहीं लिखने से अटकी रिहाई अब किनारे हो गई है. उम्मीद है कि मंगलवार को आशीष मिश्रा को लखीमपुर जेल से रिहाई मिल जाएगी.

हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने आशीष मिश्रा के बेल ऑर्डर में आईपीसी की धारा 302 और 120बी जोड़ने का आर्डर दे दिया है. आखिर क्यों आशीष मिश्रा हाई कोर्ट से जमानत पाने के बाद भी अभी रिहा नहीं हो सके हैं? क्या तकनीकी कमी की वजह से आशीष मिश्रा की रिहाई अटकी और कैसे हुई यह कमी दूर ? समझने के लिए यह रिपोर्ट पढ़िए.

लखीमपुर हिंसा मामले में लोक टूबर 2021 से लखीमपुर जेल में बंद केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने बीते गुरुवार,10 फरवरी को जमानत दे दी. जमानत मिलने के बाद कहा गया कि आशीष मिश्रा, रिहाई की कागजी कार्रवाई पूरी होते ही लखीमपुर जेल से रिहा हो जाएंगे. लेकिन आशीष मिश्रा जेल से रिहा नहीं हो पाए. वजह थी आशीष मिश्र के बेल आर्डर में दो धाराएं नहीं लिखी गई थीं.

दरअसल लखीमपुर पुलिस ने आशीष मिश्रा पर क्राइम नंबर 219/21 पर एफआईआर दर्ज की. पुलिस ने विवेचना के दौरान जो चार्जशीट दाखिल की थी उसमें  आईपीसी की धारा 147,148, 149,302, 307,326, 34, 427, व 120बी के साथ 3/25, 5/27 व 39 आर्म्स एक्ट थी.

हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने सुनवाई के बाद आशीष मिश्रा को जिन धाराओं में जमानत दी उसमें आईपीसी की 147 148, 149 307,326, 427/34 , 30 आर्म्स एक्ट, 177 एमवी एक्ट हैं. बेल ऑर्डर में धारा 302,120B नहीं लिखी थीं. जबतक रिहाई आदेश में 302 और 120 बी नहीं लिखा होगा तो जेलर आशीष मिश्रा को रिहा नहीं कर सकता. नियम है कि आरोपी जिन- जिन धाराओं में जेल में बंद होगा उन सभी धाराओं में जमानत मिलने के बाद ही रिहाई होगी.  

यही वजह है कि आशीष मिश्रा के वकील को हाई कोर्ट में बेल आर्डर की करेक्शन एप्लीकेशन डालनी पड़ी. शुक्रवार को हाई कोर्ट के लखनऊ बेंच में करेक्शन एप्लीकेशन डाली गई. सोमवार को सुनवाई होने के बाद कोर्ट ने अपने आदेश में लिखा है कि आशीष मिश्रा के बेल आर्डर मे आईपीसी 302 और 120 बी जोड़ दिया जाए. 

इस संबंध में हाई कोर्ट में आशीष मिश्रा के अधिवक्ता प्रभु रंजन त्रिपाठी कहते हैं कि यह टाइपिंग की गलती थी, जिसको दूर कर लिया गया है. अब बेल ऑर्डर में दोनों धाराओं 302 और 120 बी को जोड़ने का आदेश दे दिया गया है. प्रभु रंजन त्रिपाठी  कहते हैं कि अब लखीमपुर डिस्ट्रिक्ट जज के यहां बेल बॉन्ड और जमानतदारो के कागजों को दाखिल किया जाएगा. जिनका वेरिफिकेशन होगा और तब जिला जज रिहाई का आदेश जारी करेगा. जिला जज से रिहाई का आदेश मिलने के बाद ही आशीष मिश्रा का रिहाई आदेश लखीमपुर जेल भेजा जाएगा, जहां से आशीष मिश्रा रिहा होगा. उम्मीद है इस पूरी कागजी कार्रवाई को पूरा होने में मंगलवार तक का वक्त लगेगा और मंगलवार शाम तक आशीष मिश्रा रिहा हो पाएंगे.

 



Source link

Spread the love