विशेषांकः सड़कों की तेज गति – HITTING THE FAST LANE


झारखंड: बुनियादी ढांचे में सर्वाधिक सुधार वाला बड़ा राज्य

अमिताभ श्रीवास्तव

अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए झारखंड काफी मशहूर है और भारत का लगभग 40 फीसद खनिज भंडार इस राज्य में है. ऐसे में बुनियादी ढांचा शायद एकमात्र ऐसा क्षेत्र था जिसमें राज्य को जोर लगाने की जरूरत थी. और हेमंत सोरेन की सरकार ने यह काम कर दिखाया है.

झारखंड आर्थिक सर्वेक्षण 2020-21 के मुताबिक, राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई साल 2018 और 2020 के बीच 27 फीसद बढ़कर 2,649 किलोमीटर (किमी) से 3,367 किमी हो गई है. वहीं राज्य के मार्गों की लंबाई करीब 9 फीसद बढ़कर 11,709 किमी से 12,736 किमी हो गई है. बुनियादी ढांचे पर और अधिक जोर देते हुए राज्य भर में रेलवे पटरियों के विद्युतीकरण को मंजूरी दी गई है.

अपनी नगर विकास परियोजना के तहत शहरी बुनियादी ढांचे को बढ़ाने के लिए झारखंड ने साल 2019 में विश्व बैंक से 14.7 करोड़ डॉलर (1,095 करोड़ रूपये) का कर्ज हासिल किया है. यह कार्यक्रम पेयजल, मल-निकासी की व्यवस्था और सड़क सरीखी बुनियादी शहरी सेवाएं प्रदान करने के लिए नगर निकायों की क्षमता बढ़ाने पर केंद्रित है.

विशेषांकः सड़कों की तेज गति

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कहते हैं, ”किसी राज्य का समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास कल्याणकारी दृष्टिकोण और स्थायी पूंजी बुनियादी ढांचे तथा सार्वजनिक संपत्ति के निर्माण पर मजबूत जोर के बीच सही संतुलन साधने पर निर्भर करता है. झारखंड इसी रास्ते पर आगे बढ़ रहा है.’’ 



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