15 साल का सूखा खत्म करने का मौका


एक सपना जो पिछले 15 साल से अधूरा है उसे अब पूरा करने के वक्त आ गया है. ऑस्ट्रेलिया में टी-20 वर्ल्डकप हो रहा है और क्रिकेट वर्ल्ड की निगाहें अब चमचमाती ट्रॉफी पर हैं. भारत जो टी-20 वर्ल्डकप जीतने वाला पहला देश है, जहां टी-20 की सबसे बड़ी लीग यानी इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) होती है, जिसके बल्लेबाज दुनिया के महान और ताबड़तोड़ बल्लेबाजों की लिस्ट में शुमार हैं. लेकिन टी-20 वर्ल्डकप की ट्रॉफी के इंतज़ार को डेढ़ दशक हो गया है और अब फैन्स का दिल एक बार फिर ट्रॉफी के लिए धड़क रहा है. आईपीएल में ट्रॉफी पर ट्रॉफी जीतकर इतिहास रचने वाले करिश्माई कप्तान रोहित शर्मा इस बार भारत की कमान संभाल रहे हैं, ऐसे में फैन्स को उम्मीदें हैं कि ऑस्ट्रेलिया में चमत्कार होगा और ट्रॉफी पर हिन्दुस्तान का नाम लिखा होगा. देखना होगा कि क्या जो चमत्कार अबतक सिर्फ महेंद्र सिंह धोनी कर पाएं हैं, विराट कोहली करने में नाकाम रहे हैं उसे रोहित शर्मा कर पाते हैं या नहीं. टी-20 वर्ल्डकप में टीम इंडिया के सामने किस तरह की चुनौतियां हैं, भारत के वर्ल्डकप जीतने के कितने चांस हैं, हर मसले पर नज़र डालते हैं…

यंग टीम इंडिया का मिशन ऑस्ट्रेलिया

ऑस्ट्रेलिया के ऐतिहासिक और बड़े मैदानों पर इस बार टी-20 वर्ल्डकप खेला जाना है. 16 अक्टूबर से टूर्नामेंट की शुरुआत होगी, 13 नवंबर को फाइनल मैच होना है. इस डेढ़ महीने के अंतराल में 16 टीमें एक-दूसरे के आमने-सामने होंगी और हर किसी का एक ही मकसद होगा कि ट्रॉफी को अपने नाम किया जाए. ऑस्ट्रेलिया में लड़ाई कुल 7 मैदान में होनी है, जिसमें सिडनी, पर्थ, मेलबर्न के ऐतिहासिक मैदान शामिल हैं. इनके अलावा एडिलेड, ब्रिस्बेन, जीलॉन्ग और होबार्ट में भी मैच खेले जाएंगे. ऑस्ट्रेलिया इस बार एक मौजूदा चैम्पियन की हैसियत से मैदान में उतरेगी, पिछले साल यानी 2021 में भारत में होने वाला टी-20 वर्ल्डकप यूएई में कराया गया था. वहां ऑस्ट्रेलिया ने बाजी मारी थी, ऐसे में उसके पास अब घरेलू मैदान होने का फायदा है. यानी कंगारू टीम की नज़र लगातार दूसरी बार टी-20 वर्ल्डकप को अपने नाम करने पर होगी.

करीब 45 मैच यह तय करेंगे कि टी-20 वर्ल्डकप 2022 की ट्रॉफी कौन उठाएगा. अलग-अलग मैदानों से होते हुए सेमीफाइनल की जंग ऐतिहासिक सिडनी क्रिकेट ग्राउंड और एडिलेड ओवल ग्राउंड में पहुंचेगी और अंत में 13 नवंबर को मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में फाइनल मुकाबला खेला जाएगा. इस बार जो 16 टीमें मैदान में उतरेंगी उनमें अफगानिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, इंग्लैंड, भारत, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, साउथ अफ्रीका, नामीबिया, स्कॉटलैंड, श्रीलंका, वेस्टइंडीज़, आयरलैंड, यूएई, नीदरलैंड्स, जिम्बाब्वे शामिल हैं.

टी-20 वर्ल्डकप 2022 कुल तीन स्टेज से होते हुए एक नए विजेता की तलाश पूरा करेगा. पहले राउंड-1 होगा, जो क्वालिफायर राउंड होगा. यहां 6 टीमें आमने-सामने होंगी. जिनमें से 4 टीमें आगे बढ़ेंगी, ये सभी टीमें सुपर-12 में प्रवेश करेंगी. यहां पहले से ही 8 टीमें शामिल हैं, यानी कुल 12 टीमें यहां होंगी. इनमें से चार टीमें आगे बढ़ेंगी, जो सेमीफाइनल में जाएंगी. और फिर उसके बाद फाइनल में विजेता तय होगा. अभी तक हुए 7 वर्ल्डकप में कुल 6 चैम्पियन टीमें मिली हैं, अब टी-20 वर्ल्डकप का यह आठवां एडिशन किसके नाम जाता है इसपर पूरी दुनिया की नज़र है.

करिश्माई कप्तान रोहित रचेंगे इतिहास?

टीम इंडिया की कमान इस बार रोहित शर्मा के हाथ में है. टी-20 वर्ल्डकप 2021 में जब भारत की करारी हार हुई, तब पूर्व कप्तान विराट कोहली पर काफी आरोप मढ़ा गया. इसके बाद ही टीम इंडिया को नए कप्तान के रूप में रोहित शर्मा मिले, जिन्होंने अपनी अगुवाई में मुंबई इंडियंस को पांच बार इंडियन प्रीमियर लीग का खिताब जिताया है. रोहित शर्मा खुद टी-20 क्रिकेट के मास्टर हैं, उनके नाम टी-20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड दर्ज है. वह इस फॉर्मेट में चार शतक भी जड़ चुके हैं, ऐसे में ना सिर्फ कप्तानी बल्कि बल्लेबाजी के मोर्चे पर भी टीम इंडिया उनपर काफी हदतक निर्भर रहेगी.

भारत ने टी-20 वर्ल्डकप अभी तक एक ही बार जीता है, जो 2007 में महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में मिला था. तब एमएस धोनी की करिश्माई कप्तानी की काफी तारीफ हुई थी, अब एक बार फिर रोहित शर्मा के रूप में ऐसा कप्तान मिला है जो लगातार सफलता के झंडे गाढ़ रहा है. ऐसे में टीम इंडिया के फैन्स उत्सुक हैं. पूर्ण रूप से टीम इंडिया की कमान संभालने के बाद रोहित शर्मा लगातार जीत हासिल कर रहे हैं, अगर सिर्फ एशिया कप को छोड़ दें तो उसके अलावा रोहित ने लगभग हर सीरीज़ अपने नाम की है. यही कारण है कि इतने कम समय में वह टी-20 फॉर्मेट में भारत के दूसरे सबसे सफलतम कप्तान बन गए हैं.

रोहित शर्मा की अगुवाई में भारत ने 45 मैच खेले हैं, जिनमें से 35 में जीत मिली है. जबकि सिर्फ 10 ही मैच भारत ने गंवाए हैं. टी-20 फॉर्मेट में भारत के सबसे सफलतम कप्तान महेंद्र सिंह धोनी रहे हैं, जिनकी अगुवाई में टीम इंडिया ने 72 मैच खेले और 41 में जीत हासिल की. जबकि विराट कोहली की अगुवाई में भारत ने 50 मैच खेले और 32 में जीत हासिल की है. रोहित शर्मा का यही रिकॉर्ड टीम इंडिया के फैन्स को हौसला देता है और सभी फैन्स को यह उम्मीद है कि ऑस्ट्रेलिया में रोहित की अगुवाई में इतिहास रचा जाएगा.

दीवार की शरण में है टीम इंडिया

कप्तान के साथ-साथ इस बार नज़रें कोच पर भी टिकी हैं, क्योंकि वह कोई और नहीं बल्कि भारतीय क्रिकेट की दीवार राहुल द्रविड़ हैं. टी-20 वर्ल्डकप 2021 में रवि शास्त्री और विराट कोहली के कंधों पर जिम्मेदारी थी, लेकिन टीम इंडिया एक शर्मनाक प्रदर्शन कर टूर्नामेंट से बाहर हुई. अब राहुल द्रविड़ और रोहित शर्मा की जोड़ी पर जिम्मेदारी है. राहुल द्रविड़ ने पिछले वर्ल्डकप के बाद ही टीम की कमान अपने हाथ में ले ली थी, उसके बाद भारत को कई सफलताएं मिलीं.

राहुल-रोहित की जोड़ी ने घर में लगातार द्विपक्षीय सीरीज़ जीती, लेकिन यह जीत का सिलसिला बड़े स्तर पर घर तक ही सीमित रहा. साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड में टेस्ट गंवाने पड़े जिसने रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए. इसके अलावा अभी तक इकलौते बड़े टूर्नामेंट एशिया कप में भी टीम की दुर्गति हुई, ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि क्या राहुल द्रविड़-रोहित शर्मा की जोड़ी ऑस्ट्रेलिया में भारत को जीत दिला पाएगी.

राहुल द्रविड़ ने अभी तक अपने कार्यकाल में काफी प्रयोग किए हैं. सीनियर्स को लगातार आराम मिला है, कई कप्तान देखने को मिल रहे हैं. यहां तक कि एक साथ दो-दो टीम इंडिया खेल रही हैं, इनमें वीवीएस लक्ष्मण दूसरी टीम इंडिया की कोचिंग करते भी दिख जाते हैं. लेकिन अभी तक वह क्रांतिकारी बदलाव देखने को नहीं मिला है जिसकी उम्मीद फैन्स उस दिन से लगाकर बैठे हैं जब राहुल द्रविड़ का नाम कोच बनने की रेस में आया था.

ये 15 खिलाड़ी पूरा करेंगे सपना?

टी-20 वर्ल्डकप 2021 के बाद से भारत ने कई तरह के प्रयोग किए इसके बारे में हर कोई जानता है. लेकिन इस दौरान टीम इंडिया के लिए करीब 2 दर्जन से अधिक खिलाड़ी खेले, करीब आधा दर्जन से अधिक कप्तान देखने को मिले. इसके बाद इंडियन प्रीमियर लीग में कई युवा भारतीय खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन देखने को मिला, जिन्होंने टी-20 वर्ल्डकप के लिए टीम इंडिया के स्क्वॉड में दस्तक भी दी लेकिन वह एंट्री नहीं पा सके.

आईसीसी के नियम के मुताबिक, भारत ने अपने 15 खिलाड़ियों का ऐलान कर दिया है. क्योंकि सफर और दौरा लंबा है, ऐसे में भारत ने कुछ रिजर्व प्लेयर्स भी चुने हुए हैं. टीम इंडिया की कमान इस बार रोहित शर्मा के हाथ में है, जबसे उन्होंने टीम इंडिया की फुल टाइम कप्तानी संभाली है तबसे कमाल हो रहा है और भारत जीत पर जीत हासिल कर रहा है. उन्होंने आईपीएल में अपनी टीम को पांच बार खिताब जिताया है, भारतीय फैन्स को उम्मीद है कि उनका करिश्मा अब टी-20 वर्ल्डकप में टीम इंडिया के काम आएगा.

रोहित शर्मा के अलावा कई सीनियर खिलाड़ियों पर भारतीय टीम को वर्ल्डकप जिताने की जिम्मेदारी होगी. जिसमें सबसे बड़ा नाम विराट कोहली का है, किंग कोहली भले ही अपनी कप्तानी में टीम इंडिया को कोई आईसीसी का खिताब नहीं दिला पाए हों. लेकिन वह चाहेंगे कि अब रनों का अंबार लगाकर देश के लिए वह ट्रॉफी जीते. विराट कोहली टी-20 वर्ल्डकप से पहले फॉर्म में आ गए हैं, शतकों का सूखा भी खत्म हो गया है. ऐसे में यह संभव भी है और ऑस्ट्रेलिया में विराट कोहली अलग ही रंग में दिखते हैं.

टीम इंडिया ने टी-20 वर्ल्डकप के लिए कुल पांच बल्लेबाज, दो विकेटकीपर बल्लेबाज, चार तेज़ गेंदबाज़, दो स्पिनर, दो ऑलराउंडर को जगह दी है. इनके अलावा चार खिलाड़ी रिजर्व में हैं, जिन्हें जरूरत पड़ने पर मेन स्क्वॉड में शामिल किया जा सकता है.

आसान नहीं है टीम इंडिया के लिए राह

टी-20 वर्ल्डकप के लिए सुपर-12 में होने वाली जंग को दो ग्रुप में बांट दिया गया है. ग्रुप-ए और ग्रुप-बी के बीच पहले आपस में जंग होगी और उसके बाद सेमीफाइनल-फाइनल में टीमें आमने-सामने होंगी. भारत के ग्रुप को देखें तो उसमें कुछ आसान टीमें हैं तो चिर-प्रतिद्वंदी पाकिस्तान भी है. भारत के ग्रुप की बात करें तो वह ग्रुप-2 का हिस्सा है, जिसमें भारत के अलावा पाकिस्तान, बांग्लादेश और साउथ अफ्रीका की टीमें हैं. इसमें दो अन्य टीमें भी शामिल होंगी, जो क्वालिफाइंग राउंड के बाद आएंगी.

टी-20 वर्ल्डकप का ग्रुप-1 को ग्रुप ऑफ डेथ माना जा रहा है, क्योंकि यहां पर मेजबान ऑस्ट्रेलिया के साथ-साथ कई बड़ी टीमें शामिल हैं. ग्रुप-1 में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और अफगानिस्तान की टीम है. यहां भी दो टीम क्वालिफाइंग राउंड के बाद आएंगी. यहां पर सबसे ज्यादा मुश्किल अफगानिस्तान के लिए है, जिसके सामने ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड और न्यूजीलैंड जैसी बड़ी टीमें मौजूद हैं.

किंग कोहली से हैं करोड़ों उम्मीदें

टी-20 वर्ल्डकप 2022 सबसे बड़ा इवेंट है और भारत के फैन्स की इससे काफी उम्मीदें हैं. टीम इंडिया ने आखिरी बार कोई आईसीसी इवेंट 2013 में जीता था, वह महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में जीती गई चैम्पियंस ट्रॉफी थी. यानी करीब 10 साल हो गए हैं, जब भारत ने आखिरी बार कोई आईसीसी इवेंट जीता हो. इस मिशन के लिए सबसे बड़ी जिम्मेदारी विराट कोहली के कंधों पर है. विराट कोहली भले ही पिछले दो साल से खराब फॉर्म से जूझ रहे हो, लेकिन अब वह रंग में लौट आए हैं. बल्ले से रन, शतक, बड़े शॉट बरस रहे हैं और अब उनपर कप्तानी का दबाव भी नहीं है, ऐसे में वह चाहेंगे कि टी-20 वर्ल्डकप के लिए पूरी जान लगा दें.

ऐसा भी हो सकता है कि यह विराट कोहली का आखिरी टी-20 वर्ल्डकप हो. क्योंकि बढ़ती उम्र और वर्कलोड के बीच तीनों फॉर्मेट खेलना आसान नहीं है, ऐसे में 2024 में होने वाले वर्ल्डकप तक विराट टी-20 फॉर्मेट खेलते रहेंगे यह किसी को नहीं मालूम. ऐसे में उनके फैन्स चाहेंगे कि टीम पूरी जान लगा दे और वर्ल्डकप की ट्रॉफी मेलबर्न से दिल्ली आ जाए. 33 साल के विराट कोहली का रिकॉर्ड टी-20 फॉर्मेट में कमाल का है. विराट ने भारत के लिए 109 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं, इनमें 50 से अधिक की औसत के साथ उनके नाम 3712 रन दर्ज हैं. विराट कोहली के नाम 33 अर्धशतक और एक शतक दर्ज है. हाल ही में खत्म हुए एशिया कप में विराट कोहली ने अफगानिस्तान के खिलाफ शतक जमाया था, यह टी-20 फॉर्मेट में उनका पहला शतक था जबकि पिछले तीन साल में भी पहला शतक था जिसका हर किसी को इंतजार था.

ऑस्ट्रेलिया में बल्लेबाजी करेगी कमाल?

टीम इंडिया की ताकत हमेशा से ही बल्लेबाजी रही है, ऐसे में इस बार भी टी-20 वर्ल्डकप में बल्लेबाजों पर भरोसा करना होगा. ऑस्ट्रेलिया के बड़े मैदानों पर दुनिया के खतरनाक बॉलर्स के सामने रन बनाने की चुनौती होगी, जिसकी जिम्मेदारी टीम इंडिया के दिग्गजों पर होगी. अगर शुरुआत से ही बल्लेबाजी यूनिट को देखें तो मौजूदा दौर की सबसे बेहतरीन तिकड़ी पर हर किसी की नज़र है. कप्तान रोहित शर्मा, उप-कप्तान केएल राहुल और पूर्व कप्तान विराट कोहली पर टीम इंडिया की बल्लेबाजी यूनिट की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है.

तीनों टी-20 फॉर्मेट में कमाल का रिकॉर्ड रखते हैं, पिछले टी-20 वर्ल्डकप और अबतक के बीच में तीनों ने बल्लेबाजी के तरीके को बदला भी है. ऐसे में ऑस्ट्रेलिया में फिर उसी अप्रोच के साथ आगे बढ़ने पर फोकस होगा, जहां कप्तान रोहित शर्मा ने पहली बॉल से ही अग्रेसिव क्रिकेट खेलने का फैसला किया है. तीनों अगर रन बरसाते हैं, तो मिडिल ऑर्डर की राह आसान होगी. लेकिन अभी भी एक चिंता का विषय है कि ओपनिंग कौन करेगा.

अभी तक रोहित शर्मा और केएल राहुल की जोड़ी का ओपनिंग करना तय है, दोनों लंबे वक्त से टीम इंडिया के लिए ओपनिंग कर रहे हैं, लेकिन हाल ही में कुछ मौकों पर केएल राहुल की धीमी बल्लेबाजी आलोचना का शिकार बनी थी. ऐसे में इसके अलग-अलग ऑप्शन देखे जा रहे थे, लेकिन रोहित शर्मा ने साफ किया है कि केएल राहुल ही उनके साथ ओपनिंग करेंगे. टी-20 में भारत के लिए ओपनिंग के लिए अन्य ऑप्शन के तौर पर खुद विराट कोहली हैं, जो आईपीएल में ओपनिंग कर चुके हैं और कई बार इंटरनेशनल क्रिकेट में रोहित शर्मा के साथ ओपनिंग की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं.

टॉप-3 के बाद अगर मिडिल ऑर्डर की बात करें तो भारत यहां भी मजबूत दिखाई पड़ता है. चौथे नंबर पर सूर्यकुमार यादव की एंट्री होती है, जो शायद इस वक्त दुनिया में टी-20 फॉर्मेट के सबसे बेहतरीन बल्लेबाज हैं और किसी भी मौके पर मैच को अकेले दम पर पलट सकते हैं. पिछले एक साल में सूर्यकुमार यादव ने ऐसी कई पारियां खेली हैं और वह रन बनाने के मामले में भी सबसे आगे हैं. सूर्या ही भारत के लिए टी-20 वर्ल्डकप में सबसे बड़े गेम चेंजर भी हो सकते हैं. इनके बाद हार्दिक पंड्या, ऋषभ पंत, दीपक हुड्डा और अंत में फिनिशर के तौर पर दिनेश कार्तिक हैं.

आईपीएल के बाद से हार्दिक पंड्या गजब की फॉर्म में हैं और वह निचले क्रम में धमाल कर सकते हैं. एक बड़ी चिंता और चर्चा का विषय दिनेश कार्तिक और ऋषभ पंत की जगह है, दोनों में से प्लेइंग-11 में किसे जगह मिलती है. मौजूदा फॉर्म के हिसाब से दिनेश कार्तिक की जगह ही पक्की है और उन्हें स्पेशली फिनिशर के रोल के लिए टी-20 वर्ल्डकप टीम में शामिल भी किया गया है. हालांकि, टीम मैनेजमेंट ऋषभ पंत को भी प्लेइंग-11 में शामिल कर सकता है, लेकिन फिर आपको दीपक हुड्डा को बाहर करना होगा और एक बॉलर भी कम खिलाना होगा.

बिन बुमराह कैसे चलेगी बॉलिंग यूनिट?

विराट कोहली की कप्तानी ने भारतीय क्रिकेट को एक विरासत दी, वह तेज़ गेंदबाज़ों की फौज थी. टेस्ट क्रिकेट में इस फौज का जलवा देखने को मिला, लेकिन टी-20 क्रिकेट में यह कितनी सफल हो पाएगी अब वर्ल्डकप ही बताएगा. कप्तान रोहित शर्मा के सामने इस बार वर्ल्डकप की शुरुआत से पहले ही चिंताओं का अंबार है, क्योंकि टीम के सबसे लीड बॉलर जसप्रीत बुमराह चोट की वजह से वर्ल्डकप से बाहर हो गए. ऐसे में अब अन्य बॉलर्स के सहारे ही टीम इंडिया वर्ल्डकप जीतने निकली है. यहां सबसे अनुभवी हैं भुवनेश्वर कुमार, जिन्होंने बतौर टी-20 बॉलर खुद में काफी बदलाव किया है. उनकी स्विंग कराने की क्षमता भारत के लिए कारगर साबित हो सकती है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया में उनकी धीमी रफ्तार चिंता का विषय बनेगी. साथ ही पिछले कुछ वक्त में वह डेथ ओवर्स में फेल साबित हुए हैं जो अच्छे संकेत नहीं हैं.

जसप्रीत बुमराह की जगह स्क्वॉड में शामिल हुए मोहम्मद शमी अब रफ्तार की कमान संभालेंगे. लेकिन वह करीब एक साल बाद टी-20 मैच खेलेंगे, उन्होंने आखिरी टी-20 मैच पिछले टी-20 वर्ल्डकप में ही खेला था. ऐसे में सीधा वर्ल्डकप में उतरना और ऑस्ट्रेलिया में टीम को जिताने के लिए जान लगा देना कितना संभव हो पाएगा इसपर भरोसा नहीं है. अर्शदीप सिंह और हर्षल पटेल दो ऐसे तेज़ गेंदबाज़ हैं जो आईपीएल में अपने दमदार प्रदर्शन के दमपर टीम इंडिया तक पहुंचे हैं, यहां भी दोनों का प्रदर्शन दमदार साबित हुआ है. लेकिन अब वर्ल्डकप है, ऐसे में जसप्रीत बुमराह की कमी को पूरा करने के लिए इन दोनों खिलाड़ियों को अपनी क्षमता से आगे बढ़कर प्रदर्शन करना होगा. आईसीसी ने जिन पांच युवाओं को इस वर्ल्डकप का स्टार माना है उनमें अर्शदीप सिंह भी हैं, ऐसे में उनपर हर किसी की नज़रें टिकी हैं.

तेज़ गेंदबाज़ों से इतर अगर स्पिनर्स की लिस्ट को देखें, तो सबसे बड़ा नाम रविचंद्रन अश्विन का है. पिछले टी-20 वर्ल्डकप में उन्हें टीम में वापस लाया गया था, वह तब से टीम का हिस्सा हैं. अब ऑस्ट्रेलिया में टी-20 वर्ल्डकप है, जहां माइंडगेम भी काम आएगा और अश्विन यहां काफी फायदेमंद साबित होंगे. युजवेंद्र चहल मौजूदा वक्त में भारत के बेहतरीन स्पिनर रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ वक्त में उनकी लय बिगड़ी है. ऐसे में क्या वह प्लेइंग-11 में शामिल होंगे, यह एक सवाल है. अश्विन को खिलाने का एक फायदा उनकी बल्लेबाजी भी है, वह अंत में कुछ बड़े शॉट खेल सकते हैं.

भारत के पास तीसरा ऑप्शन अक्षर पटेल के रूप में है, जो रवींद्र जडेजा की जगह टीम में आए हैं. ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के खिलाफ खत्म हुई सीरीज में अक्षर ने दमदार प्रदर्शन किया और सीधा प्लेइंग-11 में एंट्री का दावा ठोक दिया. लेकिन वह भारत की पिचों पर था, अब ऑस्ट्रेलिया की पिचों की बारी है.

चोट ने किया टीम इंडिया को परेशान

टीम इंडिया के लिए एक बड़ी समस्या चोट की रही है. टी-20 वर्ल्डकप से ठीक पहले लगातार खिलाड़ियों को लगी चोट ने टीम इंडिया के समीकरण को बिगाड़ दिया है. तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह पीठ में चोट की वजह से वर्ल्डकप से बाहर हुए हैं, पिछले कुछ वक्त में वह भारत के सबसे प्राइम बॉलर रहे हैं और उनसे इस वर्ल्डकप में काफी उम्मीदें थीं. बुमराह चोट की वजह से एशिया कप भी नहीं खेल पाए थे और टीम इंडिया लीग स्टेज से ही बाहर हो गई थी.

उनके अलावा ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा भी चोट की वजह से वर्ल्डकप से बाहर हुए, जिन्हें एशिया कप में चोट लगी थी. बतौर बल्लेबाज रवींद्र जडेजा ने अपने खेल में काफी बदलाव किया है, ऐसे में एक स्टार ऑलराउंडर की कमी टीम इंडिया को ज़रूर खलेगी. साथ ही रवींद्र जडेजा जैसा फील्डर भी दुनिया में कोई नहीं है.

इन दो मेन स्क्वॉड की चोट के अलावा रिजर्व प्लेयर्स की लिस्ट में शामिल खिलाड़ियों को भी चोट का सामना करना पड़ा. दीपक चाहर जो रिजर्व प्लेयर्स में शामिल थे, वह कमर की चोट के चलते टी-20 वर्ल्डकप से बाहर हो गए. उनके अलावा मेन स्क्वॉड का हिस्सा दीपक हुड्डा का भी चोट लगी थी, हालांकि वह अब वर्ल्डकप के लिए फिट हो गए हैं.

क्या है बड़ी चुनौती?

टीम इंडिया द्विपक्षीय सीरीज में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही है, लेकिन अक्सर मल्टी-टीम टूर्नामेंट और आईसीसी इवेंट में आकर बिखर जाती है. भारत को इसी चुनौती से पार पाना है, तभी टी-20 वर्ल्डकप का 15 साल का सूखा और आईसीसी ट्रॉफी का 9 साल का सूखा खत्म हो पाएगा. कप्तान रोहित शर्मा से उम्मीद है कि वह अपनी करिश्माई कप्तानी से यहां टीम को एक नया रास्ता दिखाएंगे. विराट कोहली, रविचंद्रन अश्विन और खुद रोहित शर्मा के लिए यह आखिरी टी-20 वर्ल्डकप हो सकता है, ऐसे में भारतीय फैन्स चाहेंगे कि यहां हिन्दुस्तान इतिहास रच दे.



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