Highly alert Kerala performed best in managing the pandemic


कोविड-19 के प्रबंधन में सर्वश्रेष्ठ राज्य

सौ  में से 94.2 के समग्र स्कोर के साथ कोविड प्रबंधन में केरल सर्वश्रेष्ठ राज्य के रूप में उभरा. राष्ट्रीय औसत 1.58 प्रतिशत की तुलना में 0.38 प्रतिशत मृत्यु दर के साथ केरल अब तक भारत में सबसे कम मृत्यु दर वाले राज्यों में से एक के रूप में बना हुआ है.

1 अक्तूबर तक राज्य में 2,04,241 मामले दर्ज हुए थे जिनमें से 1,31,052 (64.16 प्रतिशत) पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं और 771 की जान गई है. ठोस प्रयास, लोगों की भागीदारी और उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा, कोविड-19 के विरुद्ध युद्ध में केरल के मुख्य हथियार हैं.

देश में सबसे पहले केरल में 30 जनवरी को ही कोविड का मामला प्रकाश में आया था. लगभग 19 लाख केरलवासी विदेशों में काम कर रहे हैं, हजारों छात्र विदेशी विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे हैं, हर साल दस लाख से ज्यादा सैलानी राज्य में आते हैं और 9,00,000 के करीब अस्थाई प्रवासी श्रमिक राज्य में काम करते हैं.

इन वजहों से केरल को सबसे ज्यादा जोखिम वाले राज्यों की श्रेणी में रखा गया था. 859 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी के आंकड़े के साथ राज्य में जनसंख्या का घनत्व भी ऊंचा है. 

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और उनकी सरकार अब राज्य में संक्रमण की नई लहर से चिंतित हैं. उन्होंने कहा, ”चूंकि देश में पहला मामला केरल में ही दर्ज किया गया था, इसलिए हम बीमारी के प्रसार को नियंत्रित करने में बहुत आगे थे, लेकिन अब यह स्थिति बदलने लगी है.

मरीजों की संख्या औसतन हर 20 दिनों में दोगुनी हो रही है. दस लाख की आबादी पर 5,852 कोविड मरीजों के राष्ट्रीय औसत की तुलना में केरल में यह आंकड़ा 5,143 है. मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत की तुलना में काफी बेहतर है.

लेकिन रोगियों की संख्या में वृद्धि के साथ इसमें वृद्धि हो सकती है. हमारी पहली प्राथमिकता संक्रमण के प्रसार को रोकना है.’’ राज्य सरकार कोविड से संबंधित विशेषाधिकारों से लैस राजपत्रित अधिकारियों को प्रत्येक स्थानीय स्वशासी निकायों में नियुक्त करने की योजना बना रही है. कोविड नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माना भी लगेगा. 

क्यों जीता:  

• 216 कोविड अस्पताल बनाए और 1 सितंबर तक 16 लाख कोविड टेस्ट कराए.

• शुरुआत में 28 दिनों का लंबा क्वारंटीन कराया, प्रवासियों के लिए आइसोलेशन सेंटर बनाए और पर्यटकों तथा सफर कर रहे लोगों के लिए कोविड देखभाल केंद्र शुरू किए.

•’ब्रेक द चेन’ नाम से जागरूकता अभियान चलाया. कोविड देखभाल को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए 1,90,000 व्हाट्सऐप ग्रुप बनाए

• 86 लाख लोगों को मुफ्त भोजन बांटा

• 20,000 करोड़ रु. के विशेष पैकेज का ऐलान.



Source link

Spread the love