Jesus को ब्लू टिक, एक ट्वीट से कंपनी को 1223 अरब का घाटा… Elon Musk की जल्दबाजी पड़ गई भारी? – Fake Twitter Accounts With Blue Tick is New Problem Elon Musk Take a Wrong Trun ttec


Twitter के नए मालिक एलॉन मस्क के फैसले कंपनी के कर्मचारियों और दूसरी कंपनियों पर भी भारी पड़ रहे हैं. पिछले महीने के अंत में मस्क ने ट्विटर को 44 अरब डॉलर में खरीदा है. इसके बाद से ट्विटर की स्टीयरिंग एलॉन मस्क के हाथों में और झटके दूसरी कंपनियों और कर्मचारियों को लग रहे हैं.

इससे पहले तक मस्क ट्विटर कर्मचारियों को कहर बरपा रहे थे और अब उनके फैसले दूसरी कंपनियों पर. इसकी वजह मस्क का Twitter Verification से जुड़ा एक फैसला है. दरअसल, मस्क ने ब्लू टिक वेरिफिकेशन को पेड सब्सक्रिप्शन प्लान का रूप दे दिया है.

मस्क के ऐलान के बाद ट्विटर ने वेरिफाइड अकाउंट्स के लिए 8 डॉलर चार्ज करना शुरू कर दिया. यह सर्विस कुछ ही देशों में लॉन्च की गई थी और रिपोर्ट्स की मानें तो इसे फिलहाल सस्पेंड कर दिया गया है. मगर इसकी वजह से एक कंपनी को अरबों डॉलर का नुकासन हुआ है. 

क्या मस्क ने ले लिया है गलत टर्न?

इन सब की शुरुआत पेड ब्लू टिक मार्क से शुरू हुई है. मस्क की एंट्री से पहले तक Twitter पर ब्लू टिक के लिए आइडेंटिटी वेरिफिकेशन होता था. यही वजह है कि ट्विटर को लोग भरोसेमंद न्यूज सोर्स भी मानते थे. मगर मस्क ने ब्लू टिक को पेड कर दिया.

इसके बाद जो हुआ शायद उसका अंदाजा मस्क ने कभी लगाया ही नहीं था. यूजर्स ने मस्क के 8 डॉलर के ऑफर के साथ जो किया उसका खामियाजा किसी और को भुगतना पड़ रहा है. ट्विटर पर लगातार फेक वेरिफाइड अकाउंट्स की जानकारी सामने आ रही है.

फेक वेरिफाइड से हमारा मतलब ऐसे अकाउंट से है, जो फेक हैं, लेकिन 8 डॉलर देकर वेरिफाइड ब्लू टिक हासिल कर लिया है. किसी ने डोनाल्ड ट्रंप के नाम से तो किसी ने जिसस क्राइस्ट के नाम से पैरोडी अकाउंट बनाकर ब्लू टिक खरीद लिया है. 

फर्जी अकाउंट्स के पास ब्लू टिक

रिपोर्ट्स की मानें तो इस फीचर को फिलहाल सस्पेंड कर दिया गया है. इसका खामियाजा कई कंपनियों को भुगतना पड़ रहा है. हाल में ही Pepsi के नाम से बने एक फेक अकाउंट ने लिखा ‘कोक बेहतर है’. इस पोस्ट से कई यूजर्स कंफ्यूजर हो गए क्योंकि इसे ट्वीट को वेरिफाइड अकाउंट से किया गया था.

हालांकि, आप अगर गौर करेंगे तो पाएंगे कि इस हैंडल का नाम PEPICO है, लेकिन भागती दौड़ती जिंदगी में इतना ध्यान कौन देता है. ध्यान जाता है तो सिर्फ वेरिफाइड ब्लू टिक पर, जो इस फेक अकाउंट के पास भी मौजूद है. ऐसा सिर्फ Pepsi के साथ नहीं बल्कि दूसरे ब्रांड्स के साथ भी हो रहा है. किसी ने Nestle के नाम से भी फेक अकाउंट बनाकर ट्वीट किए हैं.

एक ट्वीट ने डूबा दिए अरबों रुपये

वहीं अमेरिकी फार्मेसी कंपनी Eli Lilly के नाम से किए गए फेक ट्वीट की वजह से कंपनी को अरबों का नुकसान हुआ है. किसी ने Eli Lilly के नाम से एक अकाउंट बनाकर ट्वीट किया कि ‘insulin is free now’. यानी अब इंसुलिन फ्री है. चूंकि, ये ट्वीट एक वेरिफाइड अकाउंट से किया गया था, लोगों ने इसे सीरियस लिया.

इस ट्वीट के बाद कंपनी के शेयर लगभग 4.37 परसेंट तक गिर गए और इनका मार्केट कैप करीब 15 अरब डॉलर (लगभग 1223 अरब रुपये) घट गया. जैसे ही कंपनी को इस फर्जी ट्वीट की जानकारी मिली उन्होंने इसका स्पष्टिकरण जारी किया. मगर तब तक देर हो चुकी थी. कंपनी को भारी नुकसान हो चुका था. 

इस सब मामलों में Elon Musk ने अभी तक कुछ नहीं कहा है. उन्होंने कुछ ट्वीट्स जरूर किए हैं, जिसमें मस्क ने बताया है कि पैरोडी अकाउंट्स को अपने Twitter Bio और ट्विटर नेम दोनों में Parody लिखना होगा. 



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